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CBSE Result 2020 : दिव्यांशी जैन को मिले 600 में से 600

दिव्यांशी को अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, भगोल, इश्योरेंस और इकोनॉमिक्स में 100 अंक मिले हैं.

लखनऊ: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में दिव्यांशी जैन ने 12वीं में 600 में से 600 अंक हासिल करके इतिहास रच दिया है. नवयुग रेडियंस स्कूल की छात्रा दिव्यांशी की इस सफलता के बाद स्कूल से लेकर आस-पड़ोस और परिचित रिश्तेदारों में बधाई देने का तांता लग गया. दिव्यांशी के मुताबिक उसने शत प्रतिशत अंक पाने की बात सपने में भी नहीं सोची थी.

दिव्यांशी जैन अपने माता-पिता व बहन के साथ।

उसे नहीं लगा था कि उसे शत प्रतिशत अंक भी मिल सकते हैं. यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि दिव्यांशी ने मानविकी में ये अंक हासिल किए हैं. हाईस्कूल की दिव्यांशी को 97.6 प्रतिशत अंक हासिल हुए थे. दिव्यांशी के पिता राकेश प्रकाश जैन बिजनेसमैन तथा माता सीमा गृहणी हैं.

दिव्यांशी जैन को अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, भगोल, इश्योरेंस और इकोनॉमिक्स में 100 अंक मिले हैं.

Lucknow Samachar: इतिहास में करियर बनाकर देश ...दिव्यांशी से बातचीत के अंश-

  • सवाल: माता-पिता क्या करते हैं?

  • जवाब: मेरे पापा राकेश प्रकाश जैन बिजनेसमैन हैं। उनकी गणेशगंज में दुकान है। मां सीमा जैन हाउसवाइफ हैं। मुझे पढ़ाई को लेकर कभी भी कोई फोर्स नहीं करता था।

  • सवाल: पढ़ाई के लिए क्या कुछ अलग किया?

  • जवाब: शुरू से ही नोट्स बनाए थे। जिसे रिवाइज करती थी। मेरा मानना है कि शुरूआत से ही तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा का इंतजार नहीं करना चाहिए।

  • सवाल: इतिहास जैसे विषयों में फुल मार्क्स कैसे आए?

  • जवाब: भले ही लोगों को इतिहास जैसे विषयों को पढ़ने और याद करने में दिक्कत होती है लेकिन, मैंने कभी विषयों को रटने को कोशिश नहीं की। इतिहास को कहानी के रूप में समझा। संस्कृत में भी गणित के जैसे फार्मूले होते हैं। उनको याद किया।

  • सवाल: विषय कौन से थे?

  • जवाब: इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, भूगोल, अर्थशास्त्र और इंश्योरेंस में शत-प्रतिशत मिले हैं।

  • सवाल: आगे क्या प्लान है?

  • जवाब: फिलहाल, दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई करने का फैसला लिया है।

  • सवाल: सफलता का श्रेय किसे देना चाहती हैं?

  • जवाब: अपने माता-पिता और शिक्षकों को। मेरे शिक्षकों ने मेरा पूरे साल मार्गदर्शन किया और मैं अपने माता-पिता के कारण ही मैं अपने डेली रूटीन को फॉलो कर पाई। इसी वजह से मुझे अपनी पढ़ाई पर फोकस करने और अच्छे मार्क्स लाने में मदद मिली।

प्रयागराज रीजन में 82.49% छात्र सफल हुए हैं। उनमें दिव्यांशी को अधिकतम अंक मिले हैं। CBSE की क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोड़ा ने बताया कि वह भूगोल विषय को छोड़कर सभी परीक्षाओं में उपस्थित हुई थी। भूगोल को कोरोना के चलते रद्द कर दिया गया था। मुझे दिव्यांशी पर गर्व है। स्कूल के प्रिंसिपल बी. सिंह ने कहा कि हमें विश्वास था कि वह टॉप करेगी। स्कूल के प्रबंधक सुधीर हलवासिया ने कहा कि दिव्यांशी ने हमें गौरवान्वित किया है।

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