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विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाएगी सरकार, विदेश मंत्रालय कर रहा काम

कई देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जाएगा, उड़ान टिकटों के पैस नागरिकों को खुद वहन करने पड़ेंगे.

नई दिल्ली: भारत के साथ-साथ दुनिया के 185 से ज्यादा देशों में कोरोनावायरस कहर जारी है. दुनियाभर में कोविड-19 से 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी, वहीं भारत में भी 800 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. कोरोना को फैलने से रोकने के लिए भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन लगा दिया गया है.

लॉकडाउन की वजह से भारत के कई नागरिक दूसरे देशों में फंसे हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए सरकार योजना बना रही है. विदेश मंत्रालय इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर इंडिया, राज्य सरकारों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशन से संपर्क कर उन भारतीयों को वापस लाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है जो वापस स्वदेश लौटना चाहते हैं.

देशव्यापी लॉकडाउन के खत्म होने के बाद ही इन्हें वापस लाया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि विदेश में फंसे भारतीय को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों और नियमित उड़ानों का ही सहारा लिया जाएगा, लेकिन लॉकडाउन की स्थिति के आधार पर अलग-अलग राज्यों के लिए इसे अलग-अलग तरीकों से अमल में लाया जाएगा. इसके लिए नागरिकों को टिकटों के पैसे देने होंगे.

बता दें कि बीते 24 मार्च से हजारों भारतीय विदेशों में फंसे हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में. उधर, खाड़ी देशों द्वारा अपने नागरिकों को वापस ले जाने के लिए भारतीय राजनयिकों पर दबाव डाला जा रहा है.

उन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की वापसी के लिए भारत में विशेष रूप  से राजनीतिक मांगें आई हैं खासतौर पर केरल से. इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों और विदेश में स्थित भारतीय मिशन के साथ मिलकर काम कर रहा है और जो भारतीय वापस लौटना चाह रहे हैं उनका पंजीकरण करवा रहा है. कई देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जाएगा, लेकिन उड़ान टिकटों के पैस नागरिकों को खुद वहन करने पड़ेंगे.

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4 Comments

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